आज हम आपको ग्रंथो के ऐसे तरीके बताएँगे जो ग्रंथो में बताये गए हे अगर आपने उन्हें अपना लिया तो बुढ़ापा जल्दी नहीं आएगा ये एक दम पक्की बात हे देखिये जीवन में संयम रखना भी एक ताकत हे फर्क सिर्फ इतना हे की ये भौतिक रूप में नहीं ये भाऊ रूप में होती हे ये शक्ति इंसान को अंदर से बोहोत बलवान बनाती हे और कर्मो के जरिये बहार प्रकट होकर कई सुख भी देती हे हिन्दू धर्म ग्रंथो में बताये गए वयभारीक जीवन में संयम से जुड़े दस अहम् उपाय कई लोग नहीं जानते हे इनपर जीवन योवन और सारे सुख टिके होते हे तो चलिए जानते हे

पहली चीज हे अहिंसा किसी भी जीव को हिंसा से बचना चाहिए या किसी भी जीव की हिंसा से बचना चाहिए दोनों चीजे हे सच को अपनाना ख़ास तोर पर जीव के हित में मन वचन और कर्म में सचाई को उतारना दुसरो की सामग्री यानी वस्तुओ की चोरी कब्जे या अपहरण से बचना बुरे कर्म विचार और व्येवहार से दूर रहकर मन और इन्द्रियो पर संयम और जीव तत्व वेर की


रक्षा करना और सब कुछ तियाग करना मोह और आशक्ति को छोड़ना पवित्रता अंदर और बहार दोनों रूपो में होना जरुरी हे संतोष होना पूरी तरह से संतोष होना सभी इन्द्रिया जिनमे आँख कान नाक जीभ त्वचा हाथ पैर सभी चिज़े शामिल होती हे लेकिन हमेशा संयम रखे अगर आपके अंदर संयम नहीं हे किसी भी चीज का तो इससे इन्दिरिया चली जाती हे और ऐसा होने से कई तरह के दोष और संकट आते हे


मंत्र जप धर्म ज्ञान का अध्ययन और पालन करना जीवन को सुख शांति से भर देता हे

तो ये सब अनमोल प्राचीन तरीके हे जिसको इंसान अपने जीवन में अपना लेगा तो वो हमेशा बलवान बना रहेगा उसे बुढ़ापा जल्दी नहीं आएगा